Day: April 23, 2025

विरह कविता

विच्छेद के रंग

तुम्हारे बिना जीना मुझे यहाँ तक आसान लगता था, तुम्हारे बिना एक अजनबी सा मेरा जीवन लगता था। तुम्हारे साथ बीती हर पल मुझे खुशियों में बहार लगती थी, नाज़ाने क्यों अब तुम्हे खोकर बीते लम्हे बेकार लगते है। जबसे तुम जाने चले गए हो, मेरा दिल एक शिकार लगता है, तुम्हें भुलाने की कोशिश […]

और पढ़ें...
प्रेरणादायक कविता

आदर्शानुवाद (Inspiration)

मुस्कान की कीमत क्या है, ज़िन्दगी की दोपहर क्या है। जगाने वाली उम्मीद, है इंसान का सबसे बड़ा सहारा। हौसला न खो तू कभी, कामयाबी तुझसे सलामत रहे यही। जीवन का जोश, है दिल का हमजोश। आगे बढ़ तू आईना बनकर, खुद को नकारने का इरादा न कर। सिखरे उड़ान भर ले तू, मंजिल तेरे […]

और पढ़ें...
प्रेम कविता

(Prem ka adbhut rang)

प्यार का रंग छाया है, दिल में एक चाहत बसी है। बीते लम्हों की यादें हैं, ख्वाबों में उसकी मुस्कान बसी है।। उसके बिना दिल नहीं लगता, उसके बिना जीना मुश्किल है। प्यार की मिठास चाहत है, मिलने की आस हर लम्हा है।। हर पल उसकी याद में खोया, उसकी चाहत में दिल डूबा है। […]

और पढ़ें...
प्रेम कविता

प्रेम का अद्भुत रंग

प्यार की अद्भुत कहानी, दिल की गहराइयों में छुपी जवानी। रंग बिखरे दिल की आवाज, चाहत की लहरें बहाता समाज। दिल से दिल तक की ये उम्मीद, प्यार की कहानी कभी नहीं हींद। जीवन की मिट्टी में बसा, प्यार का उजाला जो जला। हर दिन एक नया अहसास, प्यार की भावनाओं में बस। कोई रोके […]

और पढ़ें...
विरह कविता

दिल की तारे तुटें (Dil ki taare tute)

तुम्हारी यादों का सिलसिला कैसे रोकूं, बिना तुम्हारे जीना कैसे झेलूं। जीतने कहा था तुम्हारे साथ, पर अब तुम्हें खो बैठा हूं। तुम्हारे बिना दिल धड़कता है तन्हाई में, तुम्हारी ख्वाबों में ही खो बैठा हूं। हमारी मोहब्बत का अंजाम हुआ ब्रेकअप, कैसे भूलूंगा तुम्हें, कैसे मिटाऊं। यादों की राहों में छुपा हूं तुम्हारी दर्द, […]

और पढ़ें...