यहाँ एक प्रेरणा पर आधारित कविता है:
प्रेरणा का दीप
चले जब रस्ते पर कदम,
दूर नज़दीकियों का गम।
हर मुश्किल को कर लें पार,
खुद पर रखो भरोसा यार।
सपनों की दुनिया हो बनानी,
हर चुनौती को मुस्कुरानी।
जो आग जलाए दिल के अंदर,
वो प्रेरणा है सच्ची सच्चे लहर।
असफलता का ना हो कोई डर,
सफलता की राह में बढ़ो हर पल।
ऊँचाई पर पहुँच सको तुम,
हर संघर्ष में ढूंढो तुम क्षण।
मन में जोश और हिम्मत रखो,
सपनों को सच करने का जोश बढ़ाओ।
हर सुबह का नया उत्साह लाओ,
जिंदगी की राह में आगे बढ़ाओ।
आगे बढ़ो न रुको कभी,
संकट में भी खुशियों को चुनो सही।
प्रेरणा का दीप जलाए रखो,
हर पल में नया चमत्कार कर दिखाओ।
-कवि लोकेश
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