बहारों में सिमटा एक प्यार का नज़ारा,
चाँद की रोशनी में बिखरा एक सहरा।
तेरे होंठों की तेज़ी से लहराए हैं फूल,
तू ही है मेरा सपना, तू ही है मेरा भूखार।
तेरी हंसी में छिपा मेरा सारा जहाँ,
तेरे साथ बिताए हर पल की है किमत अनमोल।
तेरे बिना अधूरा है मेरा हर ख्वाब,
तू है मेरी दुनिया, तू ही है मेरा सबब।
तारों की छांव में हम बैठे जब साथ,
दिल की धड़कन में बहे प्यार की बात।
हर लम्हा तेरा, हर सांस की तलब,
तेरे साथ, मेरे यार, मिलता है सुकून का सबब।
प्यार की इस यात्रा में रहें हम सदा,
हर खुशी में तेरा हाथ, हो हर ग़म में तेरा साया।
तेरे बिना अधूरा, तेरे संग पूरा,
मेरा दिल, मेरी जान, तू ही है मेरा सारा।
-कवि लोकेश
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