दिल टूटा है, तिनका तिनका
मुस्कान जब गायब हुई
जाने क्यूँ लगता है
जैसे कुछ हाथ से चला गया
तेरी बिना मेरी धड़कनें
कैसे अब चलेंगी
मेरा सब कुछ खो गया
तेरे साथ छूट जानें के बाद
तेरा आंसू मुझे याद रहेगा
तेरा मुस्कान सदा जाएगी
पर अब तुझसे मिलना
मेरे लिए मुमकिन नहीं होगा
कुछ ख्वाब थे हमारे साथ
पर अब वो एक बिल्बुल की तरह
दूधकरते हैं न जाने कहां
जैसे हमारा मिलना था सितारों से
अब तेरे बिना जीना मुश्किल है
पर मैं जियूंगा, आगे बढ़ूँगा
क्योंकि धड़कनें थम सकती हैं
पर ख्वाबों को मैं हार नहीं सकता।
-कवि लोकेश
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