तुम्हारे नैनों की चमक मुझे याद है,
तुम्हारे हंसी की मिठास मुझे याद है।
तुम्हें खोने का दर्द अब तक है,
मेरे दिल की छूट का अहसास अब तक है।
तुम्हारे साथ बिताए हर पल को,
मैं अपनी यादों में संजोता हूँ।
दिल टूटा है तुम्हारे बगैर,
अब तुम्हें मेरे बिना छोड़ना है।
ये कैसी मोहब्बत का खेल है,
जिसे एक कांपने से हमने खेल है।
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है,
पर तुम्हें भुलाना और भी मुश्किल है।
दिल टूटा है तुम्हारे नज़रों की वजह से,
अब तुम्हारे इश्क की बिना मौत ही अच्छी है।
बस इतनी ही सोच ये मेरी,
कि तुम्हारे बिना मेरी जिंदगी की कोई भी महत्व नहीं।
तुम्हारी यादों में ही जीता हूँ,
मुझे खुद से डर है कि,
तुम्हारी यादों में ही तुम्हारे बिना मर जाऊंगा।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.