तुमने मेरे दिल को तोड़ दिया,
वादे जो किए थे सचा उन्हें भूल दिया।
कैसे भूलूँ वो पल,
जब हमने एक-दूसरे को किया था ख्वाब सजाना।
मेरे दिल में अब भी वो समाते हो,
मगर तुमने हमारे रिश्ते को तोड़ दिया।
चाहकर भी कुछ कह न पाया,
मगर तुमने मेरी आँखों में दर्द भर दिया।
क्यों किया तुमने मेरे साथ वो खिलवाड़,
अब सह सकूँगा न मैं ये धोखाधड़।
पर वक्त आएगा जब तुम भी याद आओगी,
मगर तब मैं तुम्हें हाथ न बढ़ाऊंगा, ये वादा दोगे।
तुमने मेरे दिल को तोड़ दिया,
वादे जो किए थे सचा उन्हें भूल दिया।
-कवि लोकेश
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