बिछड़ना हुआ, अब तो खुदा ही हाफिज,
दिल से लगा था, किसमें थी गिला,
सपनों की दुनिया, बिखर गई थी,
तू चला गया, मेरी जिंदगी से डगर खिली।
आँसुओं से भरी, अब मेरी रातें,
तेरी यादों के साथ, छोटी छोटी बातें,
तू नहीं है, फिर कैसे प्यार करूँ,
एक अजनबी सी माहौल, अब कैसे बसा उड़ान से घर करूँ।
तेरी खुशी के लिए, मेरा दिल मुस्काया,
मेरे दर्द को किसी ने ना समझा,
तू ने तोड़ा, मेरे दिल की तारें,
अब तू कहाँ है, कैसे तुझसे मिलाऊँ।
वक्त बहुत तेजी से बदलता है,
प्यार की कहानी बार बार गई है,
अब तू दूर है, मैं अकेला हूँ,
आखिर क्यों हमारा रिश्ता टूटा है।
बस इतनी सी खास दुआ है मेरी,
तू खुश रहेगा, ये मेरी बेभावी हैरानी,
बिछड़कर भी, मोहब्बत बरकरार रहे,
इसी दुआ के साथ, तू बिना में हर पल तेरे साथ पुकारूँ।
-कवि लोकेश
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