तुम कह दो कुछ बातें ऐसी,
भूल जाओ हमें बिलकुल नहीं,
दर्द का जिक्र भी न करो,
कभी मनाना हमें भी नहीं।
दिल टूट गया है तुम्हारे लिए,
बिना तुम्हारी जिंदगी सुनी लगती है,
एक साथ जो चले थे हम,
अब अलग सफ़रों में जब छुटी रहती है।
तुम्हारी खुशियों के लिए हमनें,
अपने दिल का पलंग सिर निचे करके रखा,
मगर क्या हुआ उससे,
तुम्हारे लिए हमने तो सब कुछ हार दिया।
कि न लौटने पाये हम मोड़ पर,
इस ब्रेकअप से हमने कहा था नहीं,
मगर भटक गए रास्ते हमारे,
जिसे तुम्हारे साथ चलना था अकेले।
क्या अब भी मिल सकते हैं हम,
दिल से सोचते हैं तुम्हे याद करके,
मगर कैसे करें ये सीख,
जब खुद से उठ खुदा ही डरके।
ब्रेकअप है एक ऐसा पल,
जो दरवाज़ों को खुला छोड़ देता है,
दिल का दर्द छुपाऐ जा सकता है,
मगर कैसे मिटाऐ जा सकता है।
तुम कह दो कुछ बातें ऐसी,
भूल जाओ हमें बिलकुल नहीं,
दर्द का जिक्र भी न करो,
कभी मनाना हमें भी नहीं।
-कवि लोकेश
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