तोड़ दिया वादे, तोड़ दिया दिल,
तेरी यादों में है सिर्फ गिल,
कैसे कहूँ कि मैं अब रहूँगा तेरे बिना,
तूने तोड़ दिया है मेरा सबसे करीबी रिश्ता यह दिल |
तेरे बिना जीना है मुश्किल,
मेरे दिल में है तेरे लिए सिर्फ हसींल,
कैसे भूलूँ तेरी मीठी बातें,
तूने तोड़ दिया है ये मेरा दिल का गहरा रिश्ता |
क्या गलती की मैंने तुझसे,
क्यूँ किया तूने मेरे साथ इतनी मुलाकातें,
धूप में बैठा, ठंड में संग था मैं,
क्यूँ तोड़ दिया है तूने मेरी ये नजदिकियां |
मेरी आंखों में है तेरी यादें,
तूने तोड़ दिया है ये गहरा रिश्ता अब सारी बातें,
दुखी हूँ जीने में बिना तेरे,
तेरी यादों से भरा है मेरे दिल का हर पल |
तोड़ दिया हमें तूने ये रिश्ता,
अब राहें हैं ताकत नहीं मुझमें मिट्टी जैसा,
पर एक बात जरूर है इतनी मुसीबते भी नहीं करेगी खत्म,
अब वक़्त है खुद को ढूंढने का, वापस जिन्दगी के मैदान में जाने का |
-कवि लोकेश
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