बिछड़ा हमसे वो दिन,
जब तू आया था मेरे जीवन में।
मोहब्बत की एक नयी फसल डाल दी थी तू,
प्यार की नई रोशनी चमका दी थी तू।
पर कहाँ गए वो दिन,
जब तू था मेरे साथ में।
क्यों बिछड़ना पड़ा हमें,
क्यों भूल गया तू हमें।
दर्द भरी है ये बिछड़न की रातें,
मन में छाई है खोखले बातें।
अब तू नहीं रहे हमारे पास,
तेरी यादों के आज भी है बास।
कुछ लम्हे थे सुख के हमारे,
पर हो गया अब सब कुछ बेवफा।
तेरे बिना है लगा ये जीना,
बदल गई है हमारी तकदीर।
जब कभी याद आती है वो मनमानी,
आंसू बहाते हैं दिल की कहानी।
पर हो गया है भीगते रहना सिकना,
क्योंकि तेरे साथ हो गई है अब हमारी ब्रेकअप।
-कवि लोकेश
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