तेरे नाम की चिठ्ठा आई है,
समझ गए हैं, तू अब जा रहा है।
ये प्यार का सफर समाप्त हुआ,
ये दिल अब तेरे बिना जी नहीं सका।
तूने जो छोड़ा है मुझे अकेला,
सोचता है क्या बदला है अब हमें अपना|
तेरी यादों में हर पल काटते हैं,
एक अजनबी की तरह अब जी रहे हैं।
कितनी बातें थीं तेरे साथ,
कितने सपने देखे थे साथ-साथ।
पर अब ये मोहब्बत का रिवाज बदल गया,
लाखों तुते दिल रौ गया।
मेरे लिए तू बस एक ख्वाब हो गया,
चाहकर भी तुझे पाने का मन भर गया।
पर खुदा भी अब नहीं छोड़ते हैं,
बस एक खुशनसीब को तेरा प्यार बर्बाद हो गया।
ये ब्रेकअप का दर्द है,
पर जीना सिखाएगा।
बस एक और मौसम है आने वाला,
जिसमें हम फिर से मिलेंगे, समझाएगा।
-कवि लोकेश
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