तुम्हारे बिना ज़िन्दगी अधुरी सी लगती है,
दिल में दरारें हैं, आँखों में आंसू बहुत सी।
तुम्हारा जाना मुझे सजा देता है,
हर लम्हा तुम्हें याद करना बड़ा मुश्किल होता है।
तुम्हारी यादें मेरे दिल को छू जाती है,
तुम्हारी बातें मेरे दिमाग में घूमती रहती है।
क्यों तुमने मुझसे ऐसे उलझ के जाना,
क्यों मेरे दर्द को तुमने समझा नहीं।
जबसे तुमने मुझसे ब्रेकअप किया है,
मेरी धड़कनें भी झिल्ल गई हैं।
कैसे भूला दूं तुम्हें, ये मेरी जि कोई नहीं,
पर जाने क्यों तुम्हारी यादें हमेशा मेरे साथ हैं।
ब्रेकअप नामक ये सफ़र था स्वयंसिद्ध,
अब ये दिल तोड़ना मेरे बस के बात नहीं।
पर तुम्हारी खोज में मैं खुद को खो बैठा,
ये ब्रेकअप नहीं, अब ये तन्हाई मेरे साथ बसा है।
बस इतना ही कहूंगा, जब भी तुम्हें याद करूंगा,
तुम्हारी खुशियों की याद बहुत ही दर्द देती है।
क्या हमें फिर से एक मौका मिलेगा,
या अब हमारे बीच बस ढेर सारे कड़वे ख्वाब ही रह जाएंगे।
-कवि लोकेश
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