तेरे जाने के बाद
दिल में छाई है बड़ी ताबड़तोड़ तकरार
वो लम्हे, वो यादें अब कैसे मना लें हम
तू मेरी जिंदगी का हर पल है अब एक अधूरा सवाल
तेरी दूरियों में मिलती है सभी चीज़े अधूरी
मेरी रातें, मेरी बातें तेरी यादों में खो गई हैं
क्यों नहीं आती तेरी आवाज़ अब मेरे कानों में
क्यों नहीं आ जाती तू मेरे हृदय में बसा के
एक पल की दूरी ने किया हमें अज्ञान
तू चली गई, हम रह गए अकेले, भर गए हम अधूरे
तेरे बिना हमारी जिंदगी बनी है एक खोखला सपना
कैसे मिलेगी अब हमें वो खुशियाँ, जो तू ले गई है
तेरे साथ बीती हर पल में मिलती है एक बहकाव
अब तेरे बिना हम खोज रहे हैं अपनी खोई हुई खुशियाँ
ब्रेकअप की धड़कन, बस एक खामोशी बनी है
अब समझ में आया हमें, कैसे प्यार की कहानी दर्द से भर दी है
-कवि लोकेश
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