टूटने का दर्द
दिल की धड़कनें अब भी सुनाई देती हैं,
तुम्हारे बिना, ये रातें भी सोाई देती हैं।
खुशियों की बातें, अब ग़म में बदल गईं,
वो हंसी के पल, जैसे यादों में ठहर गईं।
तेरे साथ बिताए हर लम्हे की कहानी,
अब एक अधूरी कविता की सी कहानी।
तुम्हारा चेहरा, अब धुंधला सा लगता,
जिन पलों में खुश थे, वो अब हंसता भी नहीं।
फिर भी मैं यादों के समंदर में खोई,
तेरे बिना, खुद से भी मैं अजनबी होई।
हमने जो साझा किया, वो पल बेमिसाल थे,
अब वो ख्वाब जैसे, बस एक सवाल थे।
कभी न भूलेगा ये दिल का उदास कोना,
लेकिन बदलते वक्त में, सबका है एक दोना।
तू दूर सही, पर याद तेरा पीछा नहीं छोड़ती,
इस टूटने के सफर में, एक नई शुरुआत तो होती।
चलो, अब वक़्त है आगे बढ़ने का,
दिल के जख्मों को, फिर से भरने का।
आज की बारिश में, बहेगी यह खामोशी,
एक नई कहानी, एक नई खुशी।
-कवि लोकेश
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