बिछड़ने का दर्द
हर एक खुशी थी तेरे संग,
अब बस यादों का है रंग।
तू जो चला गया, मुझे छोड़कर,
दिल में रह गया बस तेरा धड़कन का गौरव।
सपनों में थी तेरी बातें,
अब ये रातें हैं सुनसान सारी।
खुद को ढूंढता हूं न जाने कहाँ,
तेरे बिना जिंदगी लगती है अधूरी, बेतरतीब, निराधारी।
चाहत की उन मीठी लहरों में,
बिछड़ने का जहर छिपा था।
वो हंसना, वो रोना तेरा,
अब इन आंसुओं में बीता था।
हर मोड़ पर तेरा साया,
हर खुशबू में तेरा नाम।
बिछड़ने की इस गहरी रात में,
तेरे लिए मेरे दिल में हैū बस एक पैगाम।
"तू खुश रहे, बस यही दुआ है,
मेरे दिल की ये दास्तान अधूरी तो सही।
लेकिन मैं हमेशा रखूंगा तुझे अपने भीतर,
क्योंकि तेरा छोड़ना.. ये तल्ख़ सच्चाई।"
-कवि लोकेश
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