प्रेरणा: जीवन की आलोचना


जगमगाती चमक, उभरता रोशनी,
आइए साथ चलें, भरें जीवन की लगनी।

हर दिन नया उजाला, हर पल नई सोच,
ज़िन्दगी के सफर में, मिलें नए एहसास।

मुस्कानों की लहर, होती है प्रेरणा,
उठो और चलो साथ, पाओ नयी उड़ाना।

सपनों का साथी, निरंतर रखो जोश,
कभी न हारो, उठाओ हर बड़ा कोश।

जीवन के सफर में, बसी हो उम्मीद,
चलो बढ़े वहां, जिधर रौशनी खीज।

आइए साथ चलें, भरें जीवन की लगनी,
जगमगाती चमक, उभरता रोशनी।

-कवि लोकेश


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Lokesh T

एक हिंदी कवि के रूप में, मैं अपने शब्दों के माध्यम से जीवन की सुंदरता, जटिलता और बारीकियों को पकड़ने का प्रयास करता हूँ। अभिव्यक्ति की इस यात्रा में मेरे साथ जुड़ें क्योंकि मैं कविता की शक्ति के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को साझा करता हूँ।

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