सुनो भी हमारी यह बात,
जीवन संगी नहीं हर बार,
कोई बताये तो क्या हुआ,
होना अजय और अमर।
मुश्किलें आती हैं हर दिन,
पर क्यों नहीं लड़ते तुम इसको,
ज़िन्दगी है इतनी खूबसूरत,
होने दो हाथ का मिलान भ्रष्ट।
रोज़ अध्ययन की मेहनत,
आपको बनाएँगे महान,
जो कठिनाई पा सके वो,
जरूर आगे बढ़ेगा वो।
इंसान स्वायें में ही ताकत,
जरूरी है कि करो आत्मानुशासन,
इंतजाम करना संभव हालात,
न रुकती-जुकती अवस्थाएँ कभी भी हैं तकरार।
तो आओ मिलकर दिखाये किसकी ताकत होती है असीम,
हो जाए तो आत्म-Hindi और दूसरों को मिले साथी वीरता क़हीं।
-कवि लोकेश
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