जब उठेगा सूरज सवेरे,
करेगा घूमके फिर से नमकीन तेरे,
हो जाएगा तू भी जैसे वह,
बनेगा तेरा भी सपना सच।
मुश्किलों में हार मत मान,
खुदा के बंदे हैं यहाँ।
उठा ले हाथ, चल अग्रसर,
हो जा तू भी किसी का इंस्पिरेशन।
सपनों को पकड़, चल आगे,
ना रुकना है, ना है डरना।
ज़िन्दगी की राहों में,
हर रास्ता है तू अद्वितीय।
उठ, चल, बढ़, धूप में खिला,
तुझमें है जो उत्साह विचारनीय।
तू है जीवन का सच्चा उदाहरण,
जो अन्यों की मिशाल बन जाए सम्मान।
इन शब्दों में छुपी है एक राह,
जो दिखाएगी तुझे सच्ची मंजिल का पता।
तू बन जाए दुनिया का सबसे बड़ा जुगनू,
बन जाए एक सच्चा इंस्पिरेशन हर किसी के लिए।
-कवि लोकेश
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