प्रेरणा की किरण
हर सुबह की किरण, लाती नई उमंग,
रंग भरे ख्वाबों में, बुनती नई संग।
बंशी की धुन में, छिपा है एक राज,
सपने सच करने का, चलो करें आगाज़।
जीवन की राह में, आए कठिनाई,
हर मुश्किलें चूमें, जब हो मन में यकीन बहुताई।
निराशा की घटा, जब चाए चारों ओर,
उम्मीद की दीये से, जलाओ नया नूर।
चढ़ते हैं पहाड़, जब हिम्मत न हो कम,
हर जीत की मिठास है, जानो इसका चुम्बक।
हर मुश्किल में छिपा, है एक नया सबक,
सपना हो साकार, तो करो न कोई डर, झुक।
प्रेरणा की यह जोत, जब जलती सदा,
हर पल में बसी है, हमारी ख़ुद की दुआ।
चलो! बढ़ते चलें, साथ मिलकर हम,
जीवन की इस यात्रा में, हो जीत का जश्न।
-कवि लोकेश
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