जब थमती है राहें, मिलती हैं मंजिलें,
इंसान में बसा है कुछ अनकही कहानियां।
अकेलापन का सामना करें तो हार जाएं,
पर जब निराशा होती है, तब आती है प्रेरणा।
खुद पर भरोसा रखो, और अपने सपनों की रखो कड़ियां,
जिम्मेदारी स्वीकारो, और चलो अपनी मंजिल की राह पर।
हर कठिनाई से लड़ना, और खुद को डर से हटाना,
इन छोटी-छोटी चुनौतियों से ही आती है सच्ची प्रेरणा।
जब लगे कि सभी हाराने की संभावना है,
तब मुड़ के पीछे देखो, नई उम्मीद का संघर्ष है।
अपने सपनों के लिए जीना, और उन्हें साकार करना,
यही है असली प्रेरणा, जो हमें नेक राह पर चलने की दिशा देती है।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.