प्रेरणा
चले जब अंधेरे, हो उजाले की बात,
हर सपने में छिपी होती है एक सौगात।
चढ़ो ऊँचाइयों पर, मत डरो गिरने से,
हर नया कदम बढ़ाता, उत्साह भरने से।
जीवन की राह में, हैं कांटे कई बिखरे,
पर जो धैर्य से चले, वो जीतता हर फिकर।
सपने सजाओ मन में, उन्हें सच कर दिखाओ,
हर मुश्किल में हो तुम, बस खुद पर विश्वास लाओ।
हर ठोकर से सीखो, नया सबक है ये,
इंसान की मेहनत में, छिपा सुख है ये।
रुकना मत कभी तुम, चलो आगे बढ़ते रहो,
प्रेरणा की इस शक्ति से, सब कुछ पा लेते रहो।
-कवि लोकेश
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