उड़ान की तलाश में भटकते रहते हम,
हार ना मानने का जज़्बा, इसी में है हमारा दम।
हर मुश्किल को चुनौती बनाकर दर्द सहते हैं,
आलस्य को पार कर, अपने सपनों को पुरा करते हैं।
प्रेरणा की राह पर चलने के साथ,
अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहें निश्चित मन से।
जीवन में हर कठिनाई को स्वीकार कर,
उठते हैं हमारे अंदर से कश्ती को समुंदर कर।
हर सुबह नए उत्साह से हो जाए,
प्रेरित होकर, सजग रहें अपने अंतिम साँस तक।
उसी उड़ान की तलाश में जिसे हम चाहते हैं,
प्रेरणा बने जिंदगी की मंजिल, ऐसा सपना देखते हैं।
-कवि लोकेश
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