उड़ान भरने की चाह में,
हर सपना देखने की राह में।
जीवन की दौड़ में आगे बढ़ें,
हर कठिनाई को चुनौती समझें।
क्षितिज को छूने की हो मोहक हूर,
हर पल में भरोसा खोजे सच्ची तूर।
विश्वास और संकल्प से संजीवित हो,
हर संघर्ष को मजबूती से झेलो।
सृष्टि की ऊँचाइयों को छूने की धड़कन,
इन्सानियत की मंजिल को पाने की जीवन रातनि।
-कवि लोकेश
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