प्रेम का संगम
तेरी आँखों की चमक में,
जादू सा बसा है,
हर लम्हा तेरे बिना,
ग़म का एक क़िस्सा है।
तेरी मुस्कान के साये में,
खुशबू फैली जाती है,
दिल की हर धड़कन में,
तेरे नाम की बाती है।
चाँदनी रातों में,
तेरा ख्याल रहता है,
हर एक पल में,
तेरे साथ का हाल रहता है।
तेरे बिना अधूरा हूं,
जैसे फलक बिना तारे,
तू है मेरी बुनाई,
हम हैं सच्चे प्यार के प्यारे।
सूरज की पहली किरण से,
तेरी यादें जगती हैं,
हर सुबह की नई उमंग,
तेरे नाम से शुरू होती है।
आ चलें हम उन राहों पर,
जहाँ प्यार की महक बसी,
तू मेरा, मैं तेरा,
बस यही जीवन की खासी।
-कवि लोकेश
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