प्रेम की महक
तू चाँद, मैं तारे,
तेरे संग हर पल प्यारे।
तेरी ख़ुशबू से महकता,
जिया मेरा हर दफे धड़कता।
तेरे बिना अधूरा ये संसार,
तेरे साथ ही हर गम बेकार।
तेरी आँखों में जो बसा है,
एक सपना, जो सच्चा है।
खुदा ने जो जोड़ा हमें,
हर लम्हा, हर साज सजाया हमें।
तेरा हंसना, मेरा जीना,
यह प्रेम है, सच्चा है, ज़िंदगी है।
एक लम्हा, एक एहसास,
तेरे बिना सब अधूरा, सब ख़ास।
संसार की भीड़ में खोया नहीं,
तू ही मेरा सारा, तू ही मेरा सब कुछ।
हर वाणी में तेरा नाम,
तेरे बिना सब कुछ है बेजान।
आओ मिलकर फिर से गाएं,
इस प्रेम की मधुर कहानी सुनाएं।
-कवि लोकेश
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