प्यार की गहराइयों में खो जाऊं,
तुम्हारे बिना मैं आसमान न देख पाऊं।
तुम्हें चाहने का अहसास है अजब,
तुम्हारे बिना ये जिंदगी है खलाब।
तुमसे मिलने की है इच्छा दिन रैत,
तुम्हारे बिना मैं हूं अधूरी दुनिया में छैलू।
प्यार की गहराइयों में खो जाऊं,
तुम्हारे बिना मैं आसमान न देख पाऊं।
तुम्हें चाहने का अहसास है अजब,
तुम्हारे बिना ये जिंदगी है खलाब।
तुमसे मिलने की है इच्छा दिन रैत,
तुम्हारे बिना मैं हूं अधूरी दुनिया में छैलू।
प्यार की आग में जलने को है दिल,
तुम्हारे बिना मैं रहूं बेफिक्र हर पल।
तुम्हें पाने के लिए करूं बहुत सोच-विचार,
तुम्हारे साथ मैं हूं सुखी हर साँसों का संघर्ष।
प्यार की गहराइयों में खो जाऊं,
तुम्हारे बिना मैं आसमान न देख पाऊं।
तुम्हें चाहने का अहसास है अजब,
तुम्हारे बिना ये जिंदगी है खलाब।
सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है ये दिल,
तुम्हारे बिना मैं हूं धूप से भी ठंडी छाँव।
प्यार की गहराइयों में खो जाऊं,
तुम्हारे बिना मैं आसमान न देख पाऊं।
तुम्हें चाहने का अहसास है अजब,
तुम्हारे बिना ये जिंदगी है खलाब।
-कवि लोकेश
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