तुम्हारे बिना जीना अब बेहाली,
इस मन में सुलगते दर्द की तलाश है।
भुलाने की कोशिश किया हर रोज,
मन में जलती आग की सोनंगाहें है।
तेरी यादों का जनाजा उठता है,
इस दिल में खलिहान छोड़ जाता है।
तेरी ख़बर सुनने को बेसब्र मन है,
तेरे जाने के बाद दर्द और भय का समन है।
ब्रेकअप की है वजह नहीं पता,
मेरी जिंदगी की गहराइयों में डूब कर।
मुझसे दूर चली गई तू तन्हाई में,
मेरी आँखों में बहुत अंसू और दुख से भरी।
ब्रेकअप का दर्द बहुत है गहरा,
तनहाई में अकेलापन साथ चला आता है।
जब से तू गई, बस यादों से शोर कम हुआ,
दिल की धड़कनें उठ गईं, खुदा से मेरी बातहें।
तुम्हारे बिना जीना अब बेहाली,
इस मन में सुलगते दर्द की तलाश है।
-कवि लोकेश
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