दिल टूट जाने का एहसास,
तुम्हारी यादें रूठ जाती हैं।
वो गुनाह, वो खता,
जिन्हें मान मैं भूलता नहीं।
तेरी यादों की चाहत में उम्मीद लगा बैठा था।
तेरे बिना जीना हमें भला समझा था।
तू मेरा सहारा, मेरी राहत तू ही था,
फिर क्यों तूने मुझे छोड़ दिया?
सहमे से रह जाता हूँ अब सबकुछ खोकर।
ना रहा कोई हमसफर, ना है मेरी चाहत कोकर।
दिल में लेकर खामोशी,
मैं अकेला इस दुनिया में डूब रहा हूँ।
तूने मेरी जिंदगी को चुराया,
मुझे अकेला छोड़कर जाया।
तेरी यादें मेरे दिल में बसी हुई हैं,
और तू कह रही है कि तुम्हें भूल जाऊँगा।
ये टूटी वादों की फासले,
बेहद दर्दनाक हैं।
तेरी यादें मुझे सताती हैं,
वो वक्त जब तू मेरे साथ होती थी।
मेरा दिल हो गया है पत्थर,
तेरे बिना जीना है कठिन।
क्यों किया तू इस कदर दुःख देना,
मेरी मोहब्बत को बेवकूफ बना दिया।
तुझ से दूर होकर भी तेरी यादें सताती हैं,
दर्द भरी रातें गुजारी हैं।
अब तो मैं एक अजनबी बन गया हूँ,
तेरे बिना जीना मुश्किल हो गया है।
कह दे तू मुझसे जो कहना है,
मैं तुझे कोई गिला नहीं करूँगा।
पर तुझे याद रहेगा एक बात,
तुम साथ नहीं तो क्या हुआ,
मेरा प्यार तो हमेशा तुम्हारे साथ रहेगा।
-कवि लोकेश
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