तीर की तरह उड़ो, सपनों की ओर,


यहां एक प्रेरणादायक रचना प्रस्तुत है:

हर सुबह की नई किरण, एक उम्मीद का दीप जलाती,
सपनों की राहों पर, मेहनत की जो बात बताती।
कभी न रुको, चले जाओ, मुश्किलें आएं तो हंसो,
हर अंधेरे में छिपा है, रोशनी का एक कंठ हैं।

चढ़ाई के उस शिखर पर, जहां ठोकरें तुम्हें ना रोकें,
संघर्ष से उठती है आवाज़, कदम बढ़ाते जाओ सोने।
जब तक हो मन में धैर्य, तब तक ना होगी हार,
सपनों की उड़ान भरे, जो विश्वास हो तुम्हारे प्यार।

कभी ठक जाओ जब तुम, अपने मन को समझाओ,
हर गिरने के बाद उठकर, खुद को फिर से चमकाओ।
सपने सच होते हैं, जब दिल में हो जुनून,
जीवन के इस सफर में, कभी मत छोड़ो सच्ची कसम।

हर नये दिन की सुबह, नई उम्मीदों की बातें,
चलो हम सब मिलकर, बनाएं सुनहरी औकातें।
इंस्पiration की राह पर, चलना है हमें सभी को,
सपनों की ऊँचाईयों पर, छू लें सितारे सभी जो।

-कवि लोकेश


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Lokesh T

एक हिंदी कवि के रूप में, मैं अपने शब्दों के माध्यम से जीवन की सुंदरता, जटिलता और बारीकियों को पकड़ने का प्रयास करता हूँ। अभिव्यक्ति की इस यात्रा में मेरे साथ जुड़ें क्योंकि मैं कविता की शक्ति के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को साझा करता हूँ।

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