टूटने का दर्द
चुप्पी में छिपे हैं, ख्वाब हमारे,
एक पल में बिखर गए, रिश्ते इतने प्यारे।
तेरी हँसी की गूंज, अब सुनाई नहीं देती,
आँखों में नमी है, मगर बातों में नहीं मिलती।
साथ जो चले थे, वो राहें अब खो गईं,
धड़कन की तड़प में, यादें फिर से रो गईं।
खुशियों की बारिश, अब बूँदों में बँट गई,
तू चला गया जब, ज़िंदगी सब सुनी-सुनी रह गई।
डायरी के पन्नों पर, नाम तेरा लिखा है,
हर लफ्ज़ में वो प्यार, अब ग़म में घुला है।
तूने कहा था कभी, "साथ निभाएंगे हमेशा,"
पर वक्त की धार ने, सब कुछ बदल दिया ये कैसी फसला!
हर सुबह तेरे बिना, अब एक नई सजा है,
खुद से ही बातें करना, ये किसका इशारा है?
तू कहीं दूर है, पर दिल में बसा है,
इश्क की ये कहानी, अब केवल एक किस्सा है।
टूटने का ये जो दर्द है, एक नया सबक है,
शायद फिर से मिलेंगे, जब तक न होगा ये रंज़िश का कलंक है।
जिंदगी के सफर में, कुछ यादें रह जाएंगी,
खुशियों की तलाश में, नयी राहें तो आएंगी।
-कवि लोकेश
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