तुझसे मिलने की ख्वाहिश थी,
तेरी हर बात पे फिदा थी।
पर तुझसे दूर होकर,
मेरी दुनिया में अंधेरा छा गया।
तेरी मोहब्बत ने भीगो दिया था,
मेरे दिल को पानी से भर दिया था।
पर क्या करूं तेरी बेबसी का,
तुझसे दूर होकर समझा था।
तेरे बिना अब मैं जी नहीं सकता,
पर तुझे वापस भी मांग नहीं सकता।
कहीं न कहीं मेरे लिए ये सही है,
तुझसे दूर होकर ही में जीता है।
तुझे कभी भूल न सकूंगा,
पर तुझे फिर से पाना मुश्किल है।
इस ब्रेकअप के बाद,
मेरी जिंदगी अब एक अधूरा सा लगता है।
पर मैंने कोशिश की तुझे भूलने की,
पर तेरी यादों में ही खो गया हूँ।
कुछ तो ऐसा कर,
कि मैं ये भी भूल जाऊं,
तेरे बिना मेरी जिंदगी अधूरी लगती है।
तू मेरे सपनों के शहर से दूर हो गया,
अब मैं अपनी खोई हुई खुशियों से परिचित हूँ।
अब तू नहीं है मेरे साथ,
पर मेरी आँखों में हर पल तू ही है।
तुझे भूलना मुश्किल है,
पर तुझे याद करके जीना भी कठिन है।
ब्रेकअप हो गया है हमारा,
पर तुझसे प्यार कम नहीं हुआ है।
तेरी यादों में खो गया हूँ मैं,
पर तेरे बिना अब जीना मुश्किल है।
-कवि लोकेश
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