तुम्हारे बिना ज़िंदगी अधूरी है,
सपनों की दुनिया अब सिर्फ दरार है।
ख्वाबों की कश्ती अब डूबती है,
तेरी यादों का साहिल अब झूलता है।
दिल की धड़कनें बेख़बर हो गईं,
तेरे चले जाने से ज़िंदगी बेरंगी हो गई।
तेरे साथ बिताए हर पल को याद करके,
आंसुओं से सजी यादों को दिल भरकर सुनाते हैं।
ख्वाबों में भी तेरी आवाज़ सुनाई पड़ती है,
मन कहता है कि वो पल फिर से जीना चाहिए।
पर तू नहीं है यहाँ मेरे साथ,
तेरे साथ गुज़रे वो पल अब याद आते हैं अक्सर।
आईना देखा तो पता चला कि तेरी छवि हमेशा साथ रहती है,
तू छोड़कर चला गया, फिर से वापस आ जाना मुश्किल है।
अब तू मेरे दिल में सिर्फ एक स्मृति है,
जिसे मैं हमेशा संभालकर रखूंगा और कभी नहीं भुला पाऊंगा।
-कवि लोकेश
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