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प्रेरणा

चरणों में हो उम्मीद की रौशनी,

हर मुश्किल में है बिखरी खुशी।

संघर्षों से सजे हैं सपनों के रंग,

बढ़ते चलो, खुद को करो हलचल संग।

चढ़ते पहाड़ों पर, गूंजे तुम्हारा नाम,

हर बाधा को पार कर, दिखाओ अपना धाम।

फूलों की तरह, खिलो हर एक याम,

खुद पर भरोसा रखो, तुम हो अपने राम।

सपने देखो, उन्हें साकार करो,

हर दिन नई सुबह का आगाज़ करो।

संजीवनी की तरह, प्रेरणा तुम हो,

अपने इरादों से दुनिया को बदलो।

हाथों में हो विश्वास, चले सपनों की नाव,

रोशनी की किरण से, हो जाए सब काव।

जिसे भी छुआ तुमने, उसे करो जवान,

जीवन की राह पर, बन जाओ सबका अरमान।

-कवि लोकेश


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Lokesh T

एक हिंदी कवि के रूप में, मैं अपने शब्दों के माध्यम से जीवन की सुंदरता, जटिलता और बारीकियों को पकड़ने का प्रयास करता हूँ। अभिव्यक्ति की इस यात्रा में मेरे साथ जुड़ें क्योंकि मैं कविता की शक्ति के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को साझा करता हूँ।

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