विच्छेद: एक नयी शुरुआत
दिल टूट गया है, दर्द भरा है ये जीवन, तुझसे दूर चला गया है अब मेरा मन। तू मेरा था, मैं तेरी थी, पर क्यों हुआ ये अब तक समझ न सकी। तेरे बिना अब जीना मुश्किल है, तेरी यादों से रोना हर पल है। क्या करूँ मैं अब, जीना है कैसे, तू नहीं है […]
और पढ़ें...विच्छेद के दर्द से पार
अलविदा कहने की रात आई है, तेरी यादों से दिल को आज फिर बहलाई है। तुम्हारे बिना जीना अब मुश्किल हो गया, तुम्हारे साथ के हर पल को याद करते हो पाए है। कभी हम साथ थे, अब अकेले हैं, तेरे बिना ये जिंदगी अब सुना लगती है। बिछड़ने का दर्द दिल में छू गया, […]
और पढ़ें...बिछड़ने की एहसास
दिल टूटा तनहाई में, बिखर गये सपने सारे। दर्द छुपाए बहार में, आंसू बहाए खुद से प्यार में। अब कैसे करूँ मैं सहना, तेरा इंतजार करना। मेरी यादों का आगाज़, तेरे ख्यालों में खो जाना। तेरी गलियों की रौशनी, अब मेरे दिल को छू नहीं सकती। तेरी वो धड़कनें, मेरी आंखों में परेशानी बनकर बैठी। […]
और पढ़ें...अलविदा क्यूँ कहना
तुझसे मिलने की ख्वाहिश थी, तेरी हर बात पे फिदा थी। पर तुझसे दूर होकर, मेरी दुनिया में अंधेरा छा गया। तेरी मोहब्बत ने भीगो दिया था, मेरे दिल को पानी से भर दिया था। पर क्या करूं तेरी बेबसी का, तुझसे दूर होकर समझा था। तेरे बिना अब मैं जी नहीं सकता, पर तुझे […]
और पढ़ें...वियोग का दर्द (Viyoag Ka Dard)
दिल टूटा, रिश्तों का सफर भूला, मोहब्बत की राहों में खो गया। बैठे रहे हम, आँसू बहा कर, बिछड़ने की वजह समझा कर। तेरे बिना हम, साँसों का जीना, मुश्किल है अब, अब तनहाई भी सहना। तुझसे हाथ मिलाकर, चला था मैं साथ, पर तेरे दिल से दूरी को महसूस कर पाया। तेरी मोहब्बत ने […]
और पढ़ें...विच्छेद की वीणा
तेरे जाने के बाद दिल टूटा है बहुत क्यों न जाने क्यों है ये दर्द इतना गहरा तुझसे मिलने का सपना सपने में ही रह गया तू चली गई मेरी जिंदगी से तेरे बिना अब मौत सा लगता है यादें तेरी छू गईं काबिले यकीं नहीं हैं अब कैसे जियूं मैं तेरे बिना जीना मुश्किल […]
और पढ़ें...बिछड़त के दर्द की कविता
तुम से भी अब मैं नहीं रहा, ये दिल अब तुम्हे नहीं चाहा। मेरे जीवन का एक हिस्सा थे तुम, पर अब तुम्हे भूलने का है इक इरादा। क्या था जो हमारे बीच किसी ने जुड़ाया, वो सब कुछ कैसे भूल सकूं आज तुम्हे पाया। तुम्हारी यादों से मुझे अब दूरी है पसंद, अब ये […]
और पढ़ें...विच्छेद: दिल के पलटवार
तुम्हारे बिना, मेरा दिल बेहाल है, क्या कहूँ ये तन्हाई कितनी बेहाल है। तुम्हें खोकर मेरे जीवन को विरान किया, कैसे कहूँ तुम्हारे बिना मेरा जीवन कितना उदास है। तुम्हारी यादों ने दिल को जला दिया, मेरी आँखों में आंसू का समंदर बहा दिया। क्या करूँ इस तन्हाई में जिसमें हूँ अकेला, तुम्हारी यादें मेरी […]
और पढ़ें...विच्छेद: दर्द और आसू भरी कविता
बता ना सकी वो दिल की बातें, तन्हाई में रोती थी रातें। दिवारों को चुपके सुनाती, दिल की गहराइयों में छुपाती। दर्द भरी खामोशी में, छिपा रही थी खुद को हमेशा। उसकी अदा से मोहब्बत की, अब तक न पूरी हुई आस हमें। क्यों न कहा हमसे सच, क्यों छुपाया दिल का दर्द। अब हम […]
और पढ़ें...दिल का टुकड़ा: ब्रेकअप कविता
बिछड़ने का दर्द दिल को छू गया, कुछ खो गया, कुछ टूट गया। प्यार की चाहत से जुदा हो गए, मन में बेचैनी अब सो गई। तुम्हारी यादें अब भी सताती हैं, क्योंकि ख्वाबों में तुम हमेशा आते हो। पर जब याद आते हो तुम, दर्द और रोज की रातें आती है। बिछड़ने की तबाही […]
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