दूरी के साये
टूटने का आलम जख्म दिल के गहरे हैं, तेरे साथ की यादें बिखरी हैं। जिन पलों में हँसते थे हम, अब वो ही बातें तन्हाई की सिरी हैं। तेरी मुस्कान की छाया अब, सपनों में भी नहीं आती। खुशियों के रंग छूट गए, बस उदासी की सर्द सुबह ठंडी लहराती। गुजरी हुई शामों की गूंज, […]
और पढ़ें...छोटी-छोटी यादों का बिखराव
टूटने का दर्द चुप्पी में छिपे हैं, ख्वाब हमारे, एक पल में बिखर गए, रिश्ते इतने प्यारे। तेरी हँसी की गूंज, अब सुनाई नहीं देती, आँखों में नमी है, मगर बातों में नहीं मिलती। साथ जो चले थे, वो राहें अब खो गईं, धड़कन की तड़प में, यादें फिर से रो गईं। खुशियों की बारिश, […]
और पढ़ें...दिल के जज़्बात का अंत
विराम तुमसे शुरू हुई थी एक नई कहानी, हर लम्हा बस तेरा, मेरा दीवाना। ख्वाबों की जाल में बुनते थे रिश्ते, पर वक्त ने लिख दी एक अनजानी कहानी। दिल में था प्यार, आँखों में था सपना, फिर क्यूँ आया ये ख़ामोश सन्नाटा। जिन पलों को जी लिया हमने साथ में, अब वो पल हैं […]
और पढ़ें...टूटते सपनों की आवाज़
बिछड़ने का ये आलम, दिल की धड़कन भी थम गई, तेरे बिना हर सुबह, जैसे रात की चादर में ढल गई। ख्वाबों में वो हंसी, अब बस एक सन्नाटा है, तेरे जाने के बाद, मेरे दिल में एक खाली घाटा है। तेरे साथ बिताए पल, यादों के समंदर में खो गए, हर मुस्कान में छिपे, […]
और पढ़ें...ख़ामोशियों का बिछड़ना
बिछड़ने की घड़ी तारे बिछड़ गए, रात सिसकती है, ख्वाबों की खुशबू अब कहीं खो गई है। तेरे संग बिताए हर पल की याद, दिल में एक चोट है, गहरी, उदास। हंसते-खिलखिलाते, जो थे साथ में, अब खाली हैं दिन, रातें हैं परछाइयों में। तेरे बिना ये राहें सूनी लगती हैं, समझ नहीं आता, क्यों […]
और पढ़ें...तोड़ती चुप्पी
बिछड़े लम्हे, यादों की ख़ामोशी, दिल के कोने में छुपी है एक कहानी, ख्वाबों की दुनिया, अब वीरान है, तेरे बिना, सब कुछ अधूरा, सुनसान है। जब पहली बार मिले थे, खिल उठी थी धड़कन, तेरे साथ में जैसे थमी थी हर एक पल, अब तो हर सुबह की किरण भी करे बग़ावत, तेरे बिन, […]
और पढ़ें...विराम का अधूरापन
विछेद तू साथ थी, जब तक रहे ख्वाबों की रुत, अब बिछड़ने का है दिल में अजब उसूल। ख्वाबों की राहें अब सुनसान हैं, तेरे बिना ये साँसें भी हैं पस्त, फुल। यादों की बारिश में मन अब भी भीगता, तेरी हंसी की गूंज, अब सुनसान से सहेजता। दिल के कोने में तू नजर आती […]
और पढ़ें...दिल की जख्मों की दास्तान
बिछड़ने की रात तारों से भरी रात, सुनसान है ये मन, तेरी यादें हैं जैसे, ठहरी हुई हर धड़कन। हंसते थे हम साथ, अब क्यों ये खामोशी, तेरे बिना हर पल, जैसे अधूरी हो कहानी। चले गए तू, छोड़के मुझे तन्हाई में, कभी जो तेरा हाथ था, वो अब है सायों में। खुशबू तेरी लिपटी, […]
और पढ़ें...विराम की वृत्तांत
बिछड़ने का वो लम्हा, क्या कहूँ, दिल की धड़कनें भी बस, रुक गईं। सपने अधूरे अब, आँखों में हैं, तेरे बिना जिंदगी, जैसे ठहर गईं। चाँदनी रातें अब, सिसकती हैं, तेरे बिना हर सुबह ग़म की देती हैं। हँसते थे हम, अब रोते हैं, वक्त की धारा में, जख्म उगते हैं। तेरे उस मुस्कान में, […]
और पढ़ें...बिछड़ने की बैरागी
बिछड़ने की घड़ी आई, दिल में एक खालीपन है, ख्वाबों की दुनिया टूटी, अब यादों का साया कर्ता है। तुम्हारी हंसी की गूंज थी, अब वो चुप्पी में खो गई, प्यार के सफर की राहें, अब वीरानियों में खो गई। हर पल में थे तुम, हर लम्हे में बसी थी खुशबू, अब सिर्फ तन्हाई है, […]
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