विरह कविता

बिछड़ने कीलों में छुपा दर्द

विराम छोटे-छोटे सपने, अब धुंधले हैं, तेरे बिना ये पल, रहस्य भरे हैं। जब तू था साथ, हर गली थी रोशन, अब तो ये साए, बस हैं उदासी की बातें। खुशियों के छाँव में, जब तू मुस्काता, हर आहट में तेरा नाम गुनगुनाता। फिर क्यों आया वो दिन, तट पर तू चला गया, सपनों की […]

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प्रेरणादायक कविता

प्रेरणा की लौ

प्रेरणा के रंगों में हर सुबह की किरण से, नई आशा जगाएं, सपनों के आसमाँ में, ऊँचाइयाँ छुआएं। कदम-कदम पर बढ़ते, न रुकने की बात करें, हर मुश्किल को पार कर, हम साथ-साथ चलें। हार न मानने वाली, वो जिद हमें सिखाती, जो ठानी हो दिल में, वो राह खुद बनाती। सपनों की डोर पकड़ […]

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प्रेम कविता

प्रेम का साज़

प्यार की जीत तेरे बिना ये दिल अधूरा, प्यार का रंग है सजीला। तेरे हंसने से खिलता है चाँद, तुझसे ही तो है सारा जहाँ। तेरी आँखों में बसा है सपना, तेरे बिना सब सूना-सीना। हर लम्हा तेरा इंतज़ार, तेरे संग ही हो हर एक बार। संग तेरे वक्त ठहर जाता, हर दर्द में प्यार […]

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प्रेम कविता

प्रेम की सरगम

तेरे बिना ये दिल तन्हा है, हर धड़कन में बस तेरा नाम है। चाँदनी रातें, रंगीन सपने, तेरे इश्क में सब कुछ आराम है। तेरी आँखों में जादुई सागर, जिनमें डूब जाऊं, ये मेरा उधार है। होंठों पर मुस्कान, दिल में तू ही तू, तू मेरी ज़िंदगी का सबसे प्यारा आधार है। संग तेरे बिताए […]

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विरह कविता

विराम की चुप्पी

विराम का पल बिछड़ते वक्त की धुन में, सपनों का साज बिखर गया, खामोश शाम की चादर में, दिल का हर रंग उतर गया। तेरे साथ की जो बातें थीं, अब वो यादें हैं चुभती, जाने क्यों ये आंखें बरसती, हर खुशी अब अधूरी लगती। तू था मेरा आसमान, मेरी हर एक दुआ का मान, […]

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विरह कविता

टूटे सपनों की दास्तान

बिछड़ने का ये पल आया है, दिल में दर्द का सैलाब छाया है। ख्वाबों की रंगीन दुनिया टूटी, छटपटाते खयालों में अंधेरा छाया है। तेरे बिना ये फासले बढ़ते, हर शाम की चाँदनी अब उदासी लुटती। हंसते-खेलते वो दिन अब यादों में हैं, उन यादों में खोकर, मैं अब क्या ढूंढूं? तेरी बातें, तेरी हंसी, […]

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विरह कविता

विराम का दर्द

बिछड़ने का दर्द तारों की चाँदनी में, वो वादा न रहा, खुशियों के साए में, वो सपना न रहा। तेरे साथ गुज़रे पल, अब यादों के हैं, दिल की सड़कों पर, बस आँसू के हैं। खुद को खोकर तुझमें, जीया था मैंने, अब तन्हाई में छुपा, मेरा ये साया है। तेरे हंसने की गूंज, अब […]

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प्रेम कविता

प्रेम की परछाइयाँ

प्यार की मधुर लहरें तारों की छाँव में, चाँद की रोशनी, तेरे संग बहे, मेरी हर खुशी। दिल की धड़कन से, तेरा नाम जुड़ा, तेरी हँसी की ख़ुशबू, मेरे मन में बसा। फूलों की तरह, तू महकती है, प्यार की नदियों में, मेरी धड़कन सहेजती है। हाथों में तेरा हाथ, सफर का आरम्भ, हर लम्हा […]

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विरह कविता

टूटे सपनों का सिलसिला

टूटना तारों की चादर में, बिखर गया सपना, तेरी मेरी प्रेम कहानी, अब रह गई खामोशी का कश्मकश। दिल की गहराइयों में, सुन-सुन के तेरा नाम, पर अब वो लम्हें, हैं जैसे जादू का बर्बाद काम। रास्ते अलग हो गए, जुड़ना था जो कभी, छोड़ गए साथ, हम दोनों ही अब अजनबी। तेरी मुस्कान में […]

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विरह कविता

विरासत में मिलती खामोशी

विराम तेरे साथ में जो सपने थे, अब वो सब ख्वाबों में बिखरे हैं। दिल की गहराइयों में जख्म हैं, तेरे बिना अब हम कितने अकेले हैं। साथ जो चले थे, वो राहें अब सूनी, तेरी हंसी की धुन, अब सूनसान है। हर लम्हा तेरा याद आता है, हर मोड़ पर बस तेरा संकेत बाकी […]

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