ब्रेकअप
तन्हाई के साए में, दिल का करार टूटा,
ख्वाबों की महक में, अब सिर्फ अंधेरा छूटा।
तेरी यादें हैं संग, जैसे काली काली रात,
हर बूँद आँसू की, सुनाती है उन बातों की बात।
तूने दी थी खुशियाँ, पलों की एक नई धुन,
अब बिछड़ने के बाद, सून हैं सब चहल-पहल गुनगुन।
दिल ने किया था प्यार, पर हाथ फिर भी ख़ाली,
अब तो सिर्फ एक ख्वाब है, जो रह गया है тन्हा आली।
खामोशियों की गूंज, सुनाई देती है रोज,
तेरे बिना यह दिल, जैसे हो सहरा की तिरोज।
सपनों की कश्ती, अब डूब गई गहरे पानी,
दूरी ने छीन ली है, वो हंसी की कहानी।
चले जाना तेरा, जैसे मीठा दुःख का गा ज़ख़्म,
पर हर रात की सुबह, लाती है नई उम्मीद का भर्म।
दिल की इस टूटन में, सीख ली मैंने बात,
कभी ना हो रुकना, खुद से है अब प्यार की रात।
-कवि लोकेश
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