टूटने की चुप्पी
बिछड़ने की घड़ी आई, आंसू संग लहराए, दिल की धड़कनें थमीं, यादों के बादल छाए। छूट गया हाथ तेरा, वो मिठास भरे क्षण, हर कंठ में गूंजे हैं, वो प्यारे बिछड़े गीत। चाहत की राहों में, ख सपनों की गाड़ी, समय ने तोड़ा जो, वो ख्वाबों की साड़ी। तेरे बिना ये शहर, अधूरा सा लगता […]
और पढ़ें...टूटे सपनों का सफर
बिछड़ने की बेला खुशियों के दिन थे, संग तेरे बीते, चाँदनी रातों में, सपने हम जीते। फूलों की महक में, तेरा नाम था, अब इन धुंधलियों में, बस सन्नाटा थमा। तू साथ थी जब, दिल की धड़कन थी, तू दूर हुई, अब ये आहें रह गईं। वो हंसी, वो बातें, सब बिछड़ गईं, आँखों की […]
और पढ़ें...विराम की विवशता
बिछड़ने का मौसम तुझसे जो मिला, वो ख़्वाब सा था, हंसते-खेलते, वो समय सुनहरा था। पर जब बिछड़ने का समय आया, दिल की धड़कन, एक पल में थम गया। तेरे बिना अधूरी, हर एक बात है, आँखों में छुपा दर्द, बस एक रात है। यादों के साये, हर कदम पर साथ हैं, तेरे बिना ये […]
और पढ़ें...विराम का एहसास
बेवफ़ाई की परछाईं तेरे ख्वाबों का शहर, अब सुनसान हो गया, पलकों पे रखा था, प्यार अब न गुमान हो गया। हर लम्हा तेरा, जैसे सुबह का सूरज, अब काली रातों में, बिछड़ने का आंसू बन गया। तेरे हंसी-ठिठोली, जैसे मीठी यादों की बातें, अब दर्द की लहरों में, हर मोड़ पर बस ख़ामोशी है। […]
और पढ़ें...विराम की परछाई
बिछड़ने की रात तारों भरी रात, चाँद का उजाला, तेरे बिना सब कुछ, फीका सा लगता। ख्वाबों में रंग, अब धुंधले से हैं, तेरे हँसने से जो, दिल में बहार था। वो सुनहरी यादें, अब दुख बन गईं, हर मुस्कान में, तेरे चेहरे की छवि। तू चली गई, छोड़कर यह सारा जहाँ, मेरी दुनिया में, […]
और पढ़ें...बिछड़न की गूंज
बिछड़ने की कहानी गुलाब की खुशबू, अब फीकी सी लगती, तेरे बिना ये दुनिया, जैसे अधूरी सी लगती। ख्वाबों की रेशमी चादर, अब बिखर गई, हंसते-हंसाते पल, एक लम्हे में सफर गई। तेरे संग जो पल बिताए, वो यादें मीठी हैं, पर दिल की गहराई में, अब तन्हाई की रीत है। सपनों का वह घरौंदा, […]
और पढ़ें...बिछड़ने की धुन
बिछड़ने का समय आया, दिल में एक उदासी है, जो प्यार में बंधे थे, वो अब एक परछाई है। खुशियों के पल लुटाए, हंसी की बातें की, अब वो सब यादें, एक सुनसान रात की। तुमने जो कहा था, वो वादे अधूरे रह गए, रिश्ते की ये डोर अब, धीरे-धीरे खिसक रहे। आँखों में बसी […]
और पढ़ें...बिछड़ने की बेला
विराम तू था ख्वाबों का साया, अब मुझमें सिर्फ तन्हाई है। तेरे साथ बिताए लम्हों की खुशबू, खुद से छुपी एक गहरी जुदाई है। यादों के सिलसिले में, तेरे नाम की एक अदा है। पर दिल के दरवाज़े पर, अब मुझसे एक लकीर बड़ी है। हँसी में छुपी थी जो, वो दर्द की आवाज़ बन […]
और पढ़ें...टूटने के बाद की खामोशी
टूटने की गूंज दिल की धड़कनें, अब सुनासी हैं, बिछड़ने का जख्म, गहरी खामोशी हैं। ख्वाबों की दुनिया, अब वीरान है, तेरे बिना हर सुबह, एक तन्हा सवेरा है। तेरी हंसी की गूंज, अब यादों में बसी, जहां हम साथ थे, वो राहें अब अधूरी हैं। कलियों की खुशबू, अब एक विरानी है, तेरे बिना […]
और पढ़ें...Choose any of these that resonate with you!
टूटने का अहसास तोड़ दी हमने वो रेशमी डोरी, जब तुमने दी ख़ामोशियों कीory। एक मुस्कान में छुपा था जुनून, अब बस रह गई हैं यादों का धुँधलापन। तारे गिरते रहे, ख्वाब बनते रहे, तेरे बिना ये दिन कैसे कटे? हर शाम ढलती है तेरे बिना, जैसे सूरज बिना शाम आँखें सजे। दिल की दुनिया […]
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