विरह कविता

विरह कविता

बिछड़ने की ग Echo

विराम का पल तेरे बिना ये दुनिया शून्य सी, हर खुशी बस खोई खोई सी। बीते दिन यादों की महफिलों में, तेरा नाम सुनूं, मगर चुप रहूँ मैं। चिरागों की रोशनी अब भी बुझी है, तेरे कदमों की आहट मेरे पास नहीं है। दिल के वीराने में तेरा साया, हर रिश्ता अब बस एक पराया। […]

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विराम का ग़म

विराम तेरी यादों का साया, अब तो भारी लगता है, हर खुशी का पल, जैसे अब अधूरी लगती है। सपनों के रंगीन महल, अब उजड़ गए हैं, तेरे बिना यह जीवन, जैसे सूना सा लगता है। ख़्वाबों में जो तू था, वो अब बिछड़ गया, दिल के कोनों में, अब बस दर्द बसा है। हंसते-हंसते […]

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विराम का व्यथित गीत

बिछड़ने का ये पल है कठिन, ख्वाबों का ताना-बाना बिखर गया। तेरे बिना जिया है अधूरा, हर याद में तेरे चेहरे का नूर है छिपा। हंसते-खिलखिलाते दिन थे पहले, अब सन्नाटे में गूंजते हैं ग़म। दिल के कोने में तेरा नाम लिखा, पर अब वो नाम भी है जैसे चुराना ग़म। तन्हाई की राहों पर […]

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“बिछड़ते लम्हे”

विराम चले गए वो राहों में, जैसे कोई ख्वाब ताश में, छूट गया वो साथ मेरा, अब है बस यादों का पास में। लफ्ज़ था, इश्क का साया, अब सुनसान है दिल का अंचल, सपने बिखरे हैं मन के आंगन, जैसे गिरा हो बादल। हंसते थे जो साथ कभी, अब वो चेहरे कितने बदले, चुप्पी […]

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विरामबिंदु

बिछड़ने का ये सफर, कितना अधूरा सा है, तुम्हारे बिना अब ये दिल, बहुत अजीब सा है। यादों की रेशमी धारियाँ, मन में उठती हैं लहर, ख्वाबों के महल में अब, खाली सा हर एक त्योहार। तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे बारिश की बूंदें, चले गए हो तुम जब से, हर खुशी मुझसे दूर है। […]

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विराम पत्र

विराम तेरे बिना ये राहें सूनी, खुद से ही मिलना हुआ दूरी। वो हंसी, वो बातें सब छूट गईं, दिल के कोने में दर्द की खड़ी हैं। तेरे प्यार की खुशबू अब तीखी, मेरी आँखों में बहती हैं दीखी। सपने जो देखे थे साथ में हम, अब तन्हाई में हर रात हैं नम। यादों के […]

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दर्द भरी दूरी

बिछड़ना एक पल का असर होता है, दिल के कोने में दर्द का सागर होता है। सपनों की दुनिया, अब तन्हा सी है, वो हंसते चेहरे, अब खामोश हैं इसी। बातें अब सुनसान, यादें हैं बंजर, जिनसे थी खुशी, वो हो गईं सफर। दिल की धड़कनें, अब खो गईं राहों में, खुशियों के पल, बिखरे […]

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विराम का अहसास

टूटते रिश्ते की कहानी तेरी यादों के साए में, छुपा मेरा दिल है, मोहब्बत का ये सफर, अब एक दर्द का सिलसिला है। चाँदनी रातों में, तेरे साथ बिताए लम्हे, अब वो चेहरा, वो मुस्कान, बस हैं आंखों के सपने। हँसते-खिलखिलाते, जब संग थे हम, अब तो बस खामोशियाँ हैं, तेरे बिना ये चुप्प हैं। […]

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टूटे रिश्ते की चुभन

बिछड़ने का सफर दिल की धड़कनें रुकी-रुकी सी हैं, तेरी यादों की छाया अब भी चुप्पी सी है। जो वक्त साथ बिताया, वो लम्हे कैसे भुला दूं, तू जो चला गया, अब मैं किससे सजा दूं। सपनों के महल, एक पल में ढह गए, तेरे बिना ये सफर, कितने अनगिनत भटक गए। तेरी हंसी की […]

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बिछड़ने की यादें

विराम तेरे बिना ये दिल अधूरा सा लगे, जाने कैसे ये सफर थम गया है। बिटिया-सी यादों की जब बातें आती हैं, हर याद में तेरा ही चेहरा दमकता है। रात की चाँदनी में तेरे साए ढूँढे, सुबह की किरणें भी अब बेगानी लागे। तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे ख्वाब हैं, अब वो ख्वाब भी […]

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