Author: Lokesh T

एक हिंदी कवि के रूप में, मैं अपने शब्दों के माध्यम से जीवन की सुंदरता, जटिलता और बारीकियों को पकड़ने का प्रयास करता हूँ। अभिव्यक्ति की इस यात्रा में मेरे साथ जुड़ें क्योंकि मैं कविता की शक्ति के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को साझा करता हूँ।
विरह कविता

विराम के क्षण

टूटना दिल की गहराइयों में एक दर्द छुपा है, तू कहीं और है, ये खामोशी सज़ा है। वो हंसी, वो बातें, अब सिर्फ एक याद हैं, तेरे बिना ये दीवाना, बस खामोश रात है। ख्वाबों में आता है तेरा मधुर चेहरा, फिर वो सपनों का बाग़, है वीरान अब मेरा। तेरी आहटों में बसी जो […]

और पढ़ें...
प्रेरणादायक कविता

उत्साह की ऊँचाइयाँ

प्रेरणा की किरण सपनों की जोड़ी, आकाश की छवि, हर दिल में छुपी है एक नई विभा। कभी बूँदों में, कभी छाँव में चमके, हर कठिनाई में, आशा की राह दिखे। जोगी की धुन से, या साधक की कथा, हर संघर्ष में छुपी है, जीवन की कथा। उगता सूरज जब, लाता है नई रोशनी, हर […]

और पढ़ें...
प्रेम कविता

प्यार की रंगीनी

प्रेम का रंग इश्क की बारिश, मन में छा जाए, दिल की धड़कन, एक साज सुनाए। तारों की चादर, चाँदनी की बात, तेरे बिना ये रात, अधूरी सी लगती थी साथ। तेरी हँसी में, दुनिया की रौनक है, तेरा नाम लूँ, तो यह दिल का फलक है। तेरे सपनों में, रंगीन हैं सारे, तेरे बिना, […]

और पढ़ें...
विरह कविता

विराम के पल

बिछड़ने की रात चाँद की चाँदनी में, दिल की बात छुपी, तेरे संग बिताए, वो सारे पल रुकी। हंसी के जज़्बात, अब क्यों यूं बिखरे, तू और मैं, जैसे दो बादल बिछड़े। तेरी यादों की खुशबू, अब तल्ख हो गई, हर ख्वाब अधूरा है, हर खुशियाँ खो गई। तूने जो वादे किए, वो सब झूठे […]

और पढ़ें...
विरह कविता

विराम पत्र: बिछड़े दिल की कहानी

बिछड़ने का दर्द तेरे बिना हर शाम अधूरी है, ख्वाबों की मूरत अब बेचारी है। तेरी यादों के साये में जीते हैं, हर सांस में तेरा नाम बसा हुआ है। तू चली गई जब से, ये दिल है सुनसान, वो लम्हे, वो बातें, सब हैं अब वीरान। खुशियों का राग अब अपने पर奏 नहीं, वो […]

और पढ़ें...
प्रेरणादायक कविता

उम्मीद की रोशनी

प्रेरणा चढ़ पहाड़, ये देख नए आसमान, हर ओर बिखरे हैं सपनों के जहान। कदम बढ़ा, मत हो डगमगाती, हर मुश्किल से आगे, खुद को चुपचाप सिखाती। चन्द्रमा की चाँदनी, तारे की रोशनी, हर अंधेरे में छुपी एक नई कहानी। संघर्ष का दीप जलाकर रखो, हर आलस्य को पीछे छोड़ चलो। जितने मुश्किल हों, उतनी […]

और पढ़ें...
प्रेम कविता

प्रेम की बूँदें

प्रेम की रीत चाँदनी रात में तेरा जो चेहरा, हर एक पल में बसी है मेरे भीतर गहरा। तेरी हंसी में काश, हो कोई जादू, हर ग़म को भुला दे, करे दिल को खुशी का ताज़ा साज़। तेरा साथ जैसे सावन की बूँदें, सपनों का संसार, वादियों की जादूई कूँजें। तेरे बिना सूना ये जग […]

और पढ़ें...
विरह कविता

विराम का पल

बिछड़ने का दर्द तेरी यादों की हर एक लहर, दिल में उठती है एक नज़र। सपनों की दुनिया बिखर गई, आँखों में आंसू, मन में सिहर। तेरे संग बिताए पल, अब बस एक गहरा खलिश। कहाँ खा गया वो प्यार, जो था एक वक्त की मिठास। दिल के जज़्बात अब सूने, खामोश हैं, जैसे चाँद […]

और पढ़ें...
प्रेम कविता

प्रेम की मधुर छाँव

प्रेम की रेखाएँ तेरे बिना, मेरी ज़िंदगी सुनसान, तेरी मुस्कान में छुपा है सारा आसमान। तेरे नाज़ुक हाथों का छूना, जैसे बहार की पहली हवा का सुखना। तेरे ख्वाबों में बसी है एक दुनिया, जहाँ आजकल दिल में उमड़ती है गहराई। तेरी बातों में छुपा है जादू, हर लम्हा हो जाता है खूबसूरत और साधू। […]

और पढ़ें...
विरह कविता

दिल की दरारें

विराम की थी रात चाँद की चाँदनी में, तन्हाई की बातें, दिल में उठते जज़्बात, अब कैसे हैं राहतें। वो ख़ुशबू, वो हंसी, सब खो गया है, एक अधूरी प्रेम कहानी, बस रो गया है। सपनों की रंगीनियाँ, अब हैं धुंधली, तेरे बिना ये राहें, हैं क्यों इतनी सुनसान। जो वादे किए थे, अब सब […]

और पढ़ें...