Day: October 20, 2025

प्रेम कविता

प्रेम की गहराइयाँ

प्रेम के रंग चाँदनी रात में, बिखरे हैं ख्वाब, तेरे बिना अधूरे, सब हैं बेकराब। तेरी आँखों में है, गहराई समंदर, हर लहर में लहराता, मेरा ये दिल सुंदर। हवा कहे तेरे नाम, फूलों से की बातें, तेरे बिना सूनसान, ये रौनक भरी रातें। हाथों में हाथ थामें, चलें जब हम संग, हर एक पल […]

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विरह कविता

बिछड़ने की ग Echo

विराम का पल तेरे बिना ये दुनिया शून्य सी, हर खुशी बस खोई खोई सी। बीते दिन यादों की महफिलों में, तेरा नाम सुनूं, मगर चुप रहूँ मैं। चिरागों की रोशनी अब भी बुझी है, तेरे कदमों की आहट मेरे पास नहीं है। दिल के वीराने में तेरा साया, हर रिश्ता अब बस एक पराया। […]

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