Day: June 9, 2025

विरह कविता

टूटते सपने

बिछड़ने का दर्द तू जो चला गया, दिल में खालीपन रह गया, हर याद में, एक आँसू, हर सांस में तन्हाई रह गया। खुशियों के पल, जैसे मिट्टी में मिल गए, तेरे बिना ये शहर, मुझको वीरान सा लगने लगा। चांदनी रातें अब, कहीं खो गई हैं, तेरी हंसी की खनक, बस मौसमों में रो […]

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प्रेरणादायक कविता

प्रेरणा की कड़ी

प्रेरणा का दीप छोटे-छोटे सपनों की, होती है एक चाह, अंधेरों से लड़ते, लाए जो निराला राह। चढ़ते हैं पहाड़ों पर, चलते हैं कठिन पाथ, हर ठोकर में मिलती है, सच्चाई की आस। कभी तूफान के बीच में, खुद को ना छोड़ें, हर मुश्किल में देखो, नए रंगों को तोड़ें। खुद पर विश्वास रखो, तुम […]

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विरह कविता

दर्द का खामोश सफर

विराम पंक्ति में, कुछ तो कह दूं, तुझसे बिछड़ के, मैं खुद को खो दूं। आँखों की चमक, अब धुंधली हो गई, तेरे बिना ये जिंदगी अंधेरी हो गई। खुशियों की बातें, अब यादों में हैं बस, तेरे बिना हर पल, लगता है अधूरा कोई हिस्सा। खुशबू तेरी, अब केवल एक ख्वाब है, दिल में […]

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प्रेम कविता

प्रेम की रेशमी परतें

ज़िंदगी की राहों में, मिल गई तुझसे ख़ुदा, तेरी मोहब्बत में छुपी, एक मीठी सी सदा। तेरी मुस्कान में बसी, रौशनी सारे जहां की, तू हो पास, तो हर दर्द भी लगे ज़रा कम, ज़रा ख़ुशहाल। तेरी आँखों में देखे मैंने, सारे सपने सजे, तू है मेरी धड़कन, तू है मेरे दिल की धड़कन। सूरज […]

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विरह कविता

विछोह की अधूरी कहानी

बिछड़ने की रात चाँदनी रातों में, तेरे साथ गुजरे पल, अब सूनापन है इधर, दिल है जैसे खोया जल। खुशबू तेरी यादों की, चुराए हर एक सांस, फिर भी ये वक्त की रेत, उड़ा ले गई सब भंस। तेरी हँसी की गूंज, अब कानों में नहीं, तेरे बिना ये राहें, लागे हैं अंजान कहीं। आँखों […]

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