Day: June 8, 2025

प्रेरणादायक कविता

उम्मीद के रंग

प्रेरणा सपनों का जो राज़ है, वो मेहनत से गूढ़, हर मुश्किल में छिपा है, नया एक जीवन-रूढ़। चढ़ते जाओ सहस्र फलक, कभी ना हो थकावट, जो ठान लो मन में तुम, तो मिलेगी सफलता। सपने जब जागेंगे, अपने अंदर की शक्ति, हर चुनौती को हराकर, बनोगे तुम अखंड विद्या। किसी के हौंसले से हो, […]

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प्रेम कविता

इश्क़ की नाज़ुक लहरें

प्रेम की मिठास तेरे प्रेम की खुशबू, बागों में बसी, तेरी हंसी की गूंज, जैसे चाँदनी रसी। हर लम्हा तेरा साथ, जैसे सर्दियों की धूप, तेरे बिना अधूरी, मेरी हर एक सांस। दिल की धड़कन में तू, ख़्वाबों की रानी, तेरे बिना जीना, जैसे बिना पानी। तेरे शब्दों में जादू, जैसे सितारों की रात, तेरे […]

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विरह कविता

Title: विराम की धूप

बिछड़ने की रुत तेरी यादों का साया, अब किया मैंने छोड़, दिल के तिरछे रास्ते, हैं अब वीरान बोर। ख्वाबों में जो धुंधलाते, रंग दिन बीते, उन सपनों की किताब को, आज मैंने सील दी। हर लम्हा था जैसे, एक मीठा जहर, अब वो नफरत सी लगती, ये जो था प्यार अपने पर। फूलों की […]

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विरह कविता

बिछड़न की यादें

विछोड़ का दर्द तोड़कर रेशमी धागे, तुम चले गए, ख्वाबों की पुरानी किताबें, बिना पन्नों के रह गईं। संगीत की वो मीठी धुन, अब शोर बन गई, तेरे बिना ये खुशियों की बगिया, वीरान सी रह गई। तेरे संग बिताए लम्हे, अब यादों में गूंजते, हर एक मुस्कान में, तेरे अक्स समाए हुए। फिर भी, […]

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प्रेम कविता

प्यार की मीठी छाँव

प्रेम की बूँदें तेरे नाम की खुशबू, महकती है हर लम्हा, दिल के हर कोने में, बसी है तेरी छवि सदा। चाँदनी रातों में, तेरा चेहरा दीदार करे, तेरी हंसी की गूँज, हर सुबह का आगाज़ करे। तेरे बिना अधूरा, जैसे बिन बादल का आसमान, तू है मेरी रहनुमा, तू है मेरा अरमान। जब तू […]

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विरह कविता

बिछड़ने कीलों में छुपा दर्द

विराम छोटे-छोटे सपने, अब धुंधले हैं, तेरे बिना ये पल, रहस्य भरे हैं। जब तू था साथ, हर गली थी रोशन, अब तो ये साए, बस हैं उदासी की बातें। खुशियों के छाँव में, जब तू मुस्काता, हर आहट में तेरा नाम गुनगुनाता। फिर क्यों आया वो दिन, तट पर तू चला गया, सपनों की […]

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