Day: June 3, 2025

विरह कविता

अधूरी प्रेम कहानी

बिछड़ने की वो रात याद है मुझे, तेरे बिना ये दिल, उदास है मुझे। सपनों की रेशमी दुनिया टूटी, खामोशियों ने दी आवाज़ है मुझे। तेरी हंसी की गूंज अब सुनाई नहीं देती, तेरे बिना ये राह भी सूनी-सूनी लगती। बिछड़ने का ये दर्द सहने की कोशिश, हर लम्हा अब जैसे एक सज़ा लगती। तेरे […]

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प्रेम कविता

प्रेम की शोखी

प्रेम की मधुरिमा तेरी आँखों में बसी है एक आसमान की गहराई, हर लम्हा तेरे साथ, जैसे हो कोई खूबसूरत परछाई। तेरे बिना अधूरी है ये सर्द रातें, तेरे साथ जिन्दा है सारी मीठी बातें। तेरा हंसना जैसे बहार की पहली किरण, तेरे संग बिताए हर लम्हा, जैसे गीत कोई जादूगर का चढ़ा। प्रेम की […]

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विरह कविता

टूटते रिश्तों की गीत

विसंगति का गीत तुम्हारे बिन ये दिल नहीं लगता, हर सुबह एक नया आंसू बहे जाता। खुशियों के रंग अब फीके हैं, तेरे बिना ये जीवन अधूरा सा लगता। बचपन की यादें, हंसी के पल, क्यों मिट गए वे सभी सफर के कल? सपनों में अब तेरा साया नहीं, तीर से चुभती है, ये खामोशी […]

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प्रेम कविता

प्रेम की रेशमी धागे

बेशक, यहाँ एक कविता है प्यार पर: प्यार की धड़कन, सुगंधित रुत है, दिल की गहराइयों में, इसकी ख़ुशबू बसी है। तेरे बिना दुनिया, जैसे वीरान सूनी, तेरे साथ चलूँ, जैसे चाँदनी की डोली। तिरी हंसी से महके, ये चारों ओर, तेरे बिना काटे, ये वक्त का दौर। मेरे ख्वाबों में तू है, मेरे अरमानों […]

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