Day: June 2, 2025

प्रेम कविता

प्रेम की रक्खी

बेशक, यहाँ एक प्रेम पर आधारित हिंदी कविता प्रस्तुत है: मोहब्बत की मिठास तेरे आँखों में बसी है, एक नयी सुबह की किरण, तेरे संग बिताए लम्हे, जैसे बहारों की चादर चढ़ी संवेदन। तू मेरे दिल का साज है, तू मेरी तन्हाई की आवाज है, तुझे देखकर हर साया, ज़िंदगी की नई परछाई बना है। […]

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विरह कविता

विरामशक्ति का अलाप

बिछड़ने का दर्द चले गए तुम, छूटा वो बंधन, दिल की धड़कन में रह गया एक चिह्न। बीते लम्हों की यादों का पहर, अब खुद से ही हो गया ये सफर। तुम्हारी हंसी, वो बातें पुरानी, अब हैं बस ख्वाब, हैं बातें फ़रेबी। आँखों में नमी, जज़्बातों की बारिश, दिल में छिपा है, एक गहरा […]

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प्रेम कविता

प्रेम की मधुर छाया

प्रेम की महक तू चाँद, मैं तारे, तेरे संग हर पल प्यारे। तेरी ख़ुशबू से महकता, जिया मेरा हर दफे धड़कता। तेरे बिना अधूरा ये संसार, तेरे साथ ही हर गम बेकार। तेरी आँखों में जो बसा है, एक सपना, जो सच्चा है। खुदा ने जो जोड़ा हमें, हर लम्हा, हर साज सजाया हमें। तेरा […]

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विरह कविता

टूटते रिस्तों की दास्तान

तोड़ दिया तुमने, वो रेशमी सपना, जो साथ-साथ चलते थे, वो प्यार भरा सफर था। हंसते थे जब तुम, दिल में बसी थी बहार, अब सुनसान है राहें, बस यादें हैं बेकार। तुमसे मिली थी सुबह की पहली रोशनी, अब छा गई है रात, अंधेरों की कश्ती। हर लम्हा तुम्हारा, बिछड़ने का सफर, खामोशी में […]

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