Day: May 30, 2025

विरह कविता

बिछड़ने की गहरी रात

विरह की गूंज टूटी हुई बातें, अधूरी ख्वाब, तेरे बिना मन में है एक अधूरा मज़ाब। तेरे संग बिताए, जो थे सुनहरे लम्हे, अब खामोशियों में खो गए, जैसे जले हुए कशमकश। हर मोड़ पर तेरा, साया बरकरार, फिर भी तेरे बिना, सब कुछ है बेकार। तेरा हंसना, वो आँखों का जादू, अब हैं सिर्फ […]

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प्रेम कविता

प्रेम का सागर

प्रेम की रेशमी डोर तारों की चादर तले, चाँद की सुरीली रात, तेरी यादों की गूंज में, मन में बसी है बात। तेरी हंसी की खनक से, महके ये फिजा, हर लम्हा तेरा इंतज़ार, जैसे कोई जादू भरा। तेरे संग बिताए पल, जैसे मधुर संगीत, दिल की हर धड़कन में, तेरा नाम बसा है गहरी […]

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विरह कविता

बिछड़ते सबर की कहानी

मोहब्बत की यादें तेरे बिना ये दिल सुनसान है, तू चला गया, अब दिन बेहिसाब है। जुदाई के इस गहरे साये में, ख्वाबों की खुशबू भी बेगानी है। महकते लम्हे, अब हैं वीरान, तेरे साथ गुजरे पल समझ में आए अनजान। हँसते थे हम, अब रोना है फसाना, क्या प्यार सिर्फ एक खेल था, ये […]

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प्रेम कविता

प्रेम की अनकही परवाह

प्यार की बातें तेरे बिना ये दिल उदास है, तेरी हर बात में जादू खास है। मोहब्बत की रेशमी चादर ओढ़े, तू मेरे ख्वाबों का राज है। तेरी हंसी में बसी है खुशबू, तेरी आंखों में छिपी है सदा धूप। जब तू पास होता है, हर लम्हा लगता है जादू-सा। तू जो साथ हो, तो […]

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