Day: May 27, 2025

विरह कविता

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यहाँ एक कविता है ब्रेकअप के विषय में: अधूरे सपने बिखरे हुए जो ख्वाब थे, वो अब अधूरे रह गए, तेरे बिना हर लम्हा, जैसे साये में चले गए। हंसते-खिलखिलाते चेहरे, अब गुमसुम हैं हर कहीं, तेरे यादों की बारिश में, मैं भिगोता हूँ हर क्षण यहीं। पलकों पर रखी थी तुझको, अब आँसुओं का […]

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विरह कविता

दूरी के साये

टूटने का आलम जख्म दिल के गहरे हैं, तेरे साथ की यादें बिखरी हैं। जिन पलों में हँसते थे हम, अब वो ही बातें तन्हाई की सिरी हैं। तेरी मुस्कान की छाया अब, सपनों में भी नहीं आती। खुशियों के रंग छूट गए, बस उदासी की सर्द सुबह ठंडी लहराती। गुजरी हुई शामों की गूंज, […]

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प्रेम कविता

प्रेम की रंगीन दुनिया

प्यार की बूँदें प्यार की बूँदें बरसती हैं, दिल के आँगन में खिलती हैं। तेरी आंखों की चमक में, सपनों की हर तस्वीर मिलती है। तेरी हंसी से शुरू होता, हर एक नया सवेरा। तेरे बिना ये जिंदगी, जैसे बिन बादल का मेरा। हर एहसास में तेरा नाम है, हर याद में तेरा साया। प्यार […]

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विरह कविता

छोटी-छोटी यादों का बिखराव

टूटने का दर्द चुप्पी में छिपे हैं, ख्वाब हमारे, एक पल में बिखर गए, रिश्ते इतने प्यारे। तेरी हँसी की गूंज, अब सुनाई नहीं देती, आँखों में नमी है, मगर बातों में नहीं मिलती। साथ जो चले थे, वो राहें अब खो गईं, धड़कन की तड़प में, यादें फिर से रो गईं। खुशियों की बारिश, […]

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विरह कविता

दिल के जज़्बात का अंत

विराम तुमसे शुरू हुई थी एक नई कहानी, हर लम्हा बस तेरा, मेरा दीवाना। ख्वाबों की जाल में बुनते थे रिश्ते, पर वक्त ने लिख दी एक अनजानी कहानी। दिल में था प्यार, आँखों में था सपना, फिर क्यूँ आया ये ख़ामोश सन्नाटा। जिन पलों को जी लिया हमने साथ में, अब वो पल हैं […]

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प्रेम कविता

“प्रेम की मधुर कहानी”

यहाँ एक प्रेम पर आधारित कविता प्रस्तुत है: प्यार की बूँदें चाँदनी रात में, तेरा मेरा नाम, दिल की धड़कन में, बसा है तेरा अरमान। तेरी मुस्कान की, जैसे बेमिसाल हों, मेरे सपनों में, रोज़ नए रंग खींचे हों। तेरे बिना अधूरा, हर एक एहसास, तेरे संग जियें, ये जिंदगी का विश्वास। तू मेरी धूप […]

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विरह कविता

टूटते सपनों की आवाज़

बिछड़ने का ये आलम, दिल की धड़कन भी थम गई, तेरे बिना हर सुबह, जैसे रात की चादर में ढल गई। ख्वाबों में वो हंसी, अब बस एक सन्नाटा है, तेरे जाने के बाद, मेरे दिल में एक खाली घाटा है। तेरे साथ बिताए पल, यादों के समंदर में खो गए, हर मुस्कान में छिपे, […]

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विरह कविता

ख़ामोशियों का बिछड़ना

बिछड़ने की घड़ी तारे बिछड़ गए, रात सिसकती है, ख्वाबों की खुशबू अब कहीं खो गई है। तेरे संग बिताए हर पल की याद, दिल में एक चोट है, गहरी, उदास। हंसते-खिलखिलाते, जो थे साथ में, अब खाली हैं दिन, रातें हैं परछाइयों में। तेरे बिना ये राहें सूनी लगती हैं, समझ नहीं आता, क्यों […]

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