Day: January 4, 2025

विरह कविता

विच्छेद: एक ताजगी का जन्म

तेरा जाना छोड़ दिया, खुद को मैंने खो दिया। फिर भी दिल में एक खलल है, तेरी यादों से चल बसी है। तूने कहा था तू मेरा साथ निभाएगा, पर वो वादे तेरी आँखों से बहिए। कितना दर्द है ये दिल बताएगा, तूझे याद करके उसे संभाले। मेरी राहों में तू साथ नहीं, अब ये […]

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प्रेरणादायक कविता

प्रेरणा: जीवन की ऊँचाइयों का स्रोत

जिझक उठ खुद को पुकारो, हर मुश्किल को अब हराओ। हौसला बुलंद करो जीत का, खुद को प्रेरित करो संकल्प से। चलो सपनों की राह पर, अपने अंदर का ताकत बिखेर। हर कठिनाई को मुस्कान से झुकाओ, आगे बढ़ो, अपने मार्ग पर अड़ाओ। प्रेरणा मिलेगी देश और विश्व को, समर्थ बनो, जीवन को नया रूप […]

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विरह कविता

विच्छेद – दिल के तुकड़े

वादा था तेरा, यादें थीं मेरी बिखर गयी सब कुछ, तेरी बेवफाई से हमारी दिल में छाई थी धड़कन तेरी उसे भूलाने में मुश्किल होती है मेरी क्यों छोड़ गया तू मुझे अकेला क्यों रह गयी है यादें ये खेला तेरी बिना मेरी दुनिया सुनी सी लगती है तेरी बिना मेरी रातें उदास लगती हैं […]

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प्रेरणादायक कविता

प्रेरणा: ऊँचाइयों की ओर जाने का मार्ग

जगमगाती रातों में तारों की रोशनी, विचारों की लौ से जलती है हमें कहानी। जवानी की लतों से हम निकलते हैं आगे, जीवन की सभी मुश्किलें हमसे हार जाती हैं पागे। हमारे अंदर छिपी है बेजोड़ शक्ति, हर मुश्किल को पार करने का है हमें विराट उपक्षीति। जीवन के सफर में हमें मिलती हैं मुसीबतें […]

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