प्रेम कविता
संबंधों का अनूठा संगम
प्रेम की धुन तेरे बिना अधूरी थी मेरी हर ख़ुशी, तेरे साथ बंधी है अब मेरी हर रूह की रसी। तेरी आँखों में बसी हैं ख्वाबों की रातें, तेरी मुस्कान में छिपी हैं, मेरी हर बातें। जब से मिले हैं हम, सूरज ने भी मुस्काया, चाँद ने फिर से अपनी चाँदनी से गुनगुनाया। तेरे बिना […]
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