हंसी की घंटी बज गई है,
कॉमेडी शो लगा है राजा।
हंसी आ रही है कनपटि-कनपटि,
दिमाग से उठा रहा है भारी भारी।
कलाकारों की मिसाल है ये,
हर बार होता है नया महल।
हंसने वालों का होता है मौका,
जबरदस्त होती है काड़ी टोली।
दर्शकों के चेहरे पर हंसी ले जाती हूँ,
कॉमेडी को मुझसे है दिलचस्पी।
हंसी के साथ सजता जहां,
छाई होती है मुस्कान की चमक वहां।
कॉमेडी असली धन है,
जिससे सजती है हर सांस।
मनोरंजन की रानी हूँ मैं,
हंसी की रानी बनाती हूँ मुझे हर किस्सा।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.